हर एक लम्हा, एक एक पल
याद ज़रूर आएगा वो बीता हुआ कल
चाहत की डगर पे चलने की कोशिश
कांटो सी चुभती है सितारों की गर्दिश
जाने अनजाने कोई अच्छा लग जाना
उसका वक़्त, उसका साथ नसीब हो पाना
उसका वक़्त, उसका साथ नसीब हो पाना
आँखों की मस्ती चेहरे पे ख़ुशी
जन्नत सी हो गई थी ज़िन्दगी
घिर गयी है दुनिया घने बादलों से
लगता है अब तो रह जाएगी उजड़ के
दूर दूर से रहने लगें हैं वो अब
चूर चूर हो गया है सब
जीने की ख्वाहिश मर सी रही है
अब तो हवा भी ज़हर लग रही है...

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