बस यूँ ही...
यहाँ आए थे जब हम ज़िंदगी यूँ हसीन ना थी
दोस्ती हुई फिर हमारी और मिलके राह हसीन कर दी...
कांटें थे राहों में, निराशा भी साथ ही चलती थी
पर मिलके हम साथ चले और बदल दी किस्मत इस दुनिया की...
साथ जीए हैं साथ पिए हैं...
लाया है बदलाव ऐसा के शरमा जाए जन्नत भी...
बस यूँ ही...

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